जानिए क्या होती है VVPAT मशीन और कैसे करती है यह काम

वीवीपैट मशीन क्या है और कैसे करती है यह काम – VVPAT Details in hindi

2014 का लोकसभा चुनाव भारतीय जनता पार्टी यानि BJP ने भारी बहुमत से जीता।  ये बहुमत इतना था कि एक इतिहास बन गया. यहाँ तक तो किसी के मन में कोई शक नही था लेकिन उसके बाद कई राज्यों में चुनाव हुए और उन्हें भी भारतीय जनता पार्टी ने बहुमत से जीत लिया. तो कई विपक्षी दलों ने इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन (EVM) को लेकर सवाल खड़े कर दिए।  उनका कहना था कि EVM को हैक किया जा रहा है जिसमे यह दावा किया गया कि मतदाता जिसे वोट डालता है वो उसे न जाकर भारतीय जनता पार्टी के पास चला जाता है.

विपक्षी दलों का कहना था कि मतदाताओ को गुमराह किया जा रहा है।  वह BJP को वोट नही डालना चाहते लेकिन वोट BJP को ही जा रहा है और इसके बदले में वह बैलेट पेपर से चुनाव की मांग करने लगे और और अमेरिका जैसे कई देशो का उदाहरण देने लगे.

हमारा देश आगे बढ़ रहा है और नई तकनीक को अपना रहा है ऐसे में कई सालो पुरानी चुनाव प्रकिया बैलेट पेपर पर वापिस लौट जाना एक अच्छा विकल्प नही माना जाता, रही बात अमेरिका और इंग्लैंड जैसे देशो की जहा अभी भी बैलेट पेपर पर चुनाव होते है तो वहाँ की जनसख्या को देखते हुए वहां पर बैलेट पेपर पर चुनाव मुमकिन है लेकिन हिंदुस्तान में यह एक बड़ी चुनौती है.

चुनाव आयोग ने इन  उठ रही मांगो को देखते हुए VVPAT (Voter verifiable paper audit trail) का चयन किया तो आइये जानते है क्या है VVPAT और यह  कैसे काम करता है.

 

vvpat details in hindi

 

क्या है VVPAT यानी इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीन – VVPAT in hindi

VVPAT एक तरह की मशीन है जिसे EVM के साथ जोड़ा गया है. इस मशीन में एक प्रिंटर लगा है।  जैसे ही मतदाता अपने उम्मीदवार का चयन EVM मशीन पर बटन दवा कर करता है उसके तुरंत बाद VVPAT पर एक पर्ची दिखाई देती है जिस पर चयन किये गए उम्मीदवार का नाम और चुनाव चिन्ह होता है. यह 7 सेकंड के लिए एक शीशे की स्क्रीन पर दिखाई देता है.  इसकी full form वोटर वेरीफ़ाएबल पेपर ऑडिट ट्रेल है।

हालाकि इसका इस्तेमाल विवाद की स्थिति में किया जाता है ताकि EVM मशीन के हैक होने पर किसी को शक हो तो पर्ची को गिनती कर उसका शक दूर किया जा सकता है.

 

vvpat details in hindi

 

VVPAT को 2013 में भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और इलेक्ट्रॉनिक कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड  ने बनाया है और 2013 में ही नागालैंड के चुनाव में इसका इस्तमाल किया गया था.

इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को VVPAT के लिए पैसे की व्यवस्था करने को कहा और चुनाव आयोग ने भी जून 2014 में ही तय कर लिया था कि आने वाले चुनाव में VVPAT का इस्तमाल किया जाएगा. वही 2016 तक 33,500 VVPAT मशीन का निर्माण हो चूका था. 2017 में हुए गोवा चुनाव में इनक सफल इस्तेमाल किया जा चूका है और 2018 में पांच राज्यों के चुनाव में भी 52000 VVPAT का इस्तेमाल किया गया था. 2017 में अरुण जेटली ने कहा था कि 2018 में 16 लाख 50 हजार VVPAT मशीनों को ख़रीदा जाएगा  जिसे 2019 के लोकसभा चुनावो में इस्तेमाल किया जाना है.

 

 

VVPAT से जुडी कुछ खास बातें

  • वोट दिए गए उम्मीदार की पर्ची 7 सेकंड तक स्क्रीन पर दिखाई देगी.
  • पर्ची पर उत्तम गुणवत्ता वाली स्याही का उपयोग किया गया है जो जल्दी नही मिटती.
  • प्रिंट में सेंसर भी लगा है जो खराब प्रिंट होने पर जाँच कर लेता है और उसे तुरंत प्रिंट कर देता है.
  • VVPAT पर डाले हुए वोट और पर्ची पर मिलन संभव है.
  • एक अनुमान के अनुसार लोकसभा चुनाव में 15 लाख से ज्यादा VVPAT मशीने उपयोग में ली जा सकती है.
  • पर्ची पर चुनाव चिन्ह और उम्मीदवार का नाम होगा.

 

दोस्तों इसका निर्माण इसलिए किया गया है ताकि लोगो में चुनाव प्रकिया को लेकर विश्वास बना रहे और विवाद की स्थिति में इस VVPAT द्वारा प्राप्त पर्चियों का सहारा लिया जा सके.

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