यक्ष और धर्मराज युधिष्ठिर के बीच संवाद Yaksha Prashna to Yudhishthira in hindi

महाभारत के अरयण्कपर्व में यक्ष और युधिष्ठिर के बीच एक संवाद होता है जिसे यक्ष प्रश्न के नाम से भी जाना है. कथा के अनुसार जब पांडव 12 वर्ष के सन्यास के दौरान वन में भटक रहे होते है तो युधिष्ठिर को प्यास लगती है. जल की खोज के लिए प्रत्येक पांडव बारी बारी सरोवर के किनारे जाते है लेकिन यक्ष/ Yaksha  के मना करने के बावजूद भी जल को ग्रहण कर लेते है जिसके फलस्वरूप उनकी मृत्यु हो जाती है. अपने भाइयो को वापस न आया देखकर धर्मराज युधिष्ठिर भी सरोवर के किनारे आते है और यक्ष / Yaksha के सभी प्रश्नों का उतर देकर वरदान स्वरुप अपने भाईयों को पुनः जीवित पाते है. यह सवाल अध्यात्म, दर्शन और धर्म से जुड़े है जो इंसान को जीवन का सत्य बताते है.  तो दोस्तों आज हम इस पोस्ट में आपके साथ यक्ष – युधिष्ठिर संवाद का कुछ अंश शेयर करने जा रहे है. उम्मीद करते है यह आपके ज्ञान में वृद्धि करेंगे.

 

यक्ष के द्वारा युधिष्ठिर को पूछे गए प्रश्न – Yaksha Prashna to Yudhishthira  in hindi

 

यक्ष – पृथ्वी से भारी क्या है

युधिष्ठिर – माता

 

यक्ष – आकाश से उचा कौन है

युधिष्ठिर – पिता

 

यक्ष – हवा से भी तेज गति किसकी है

युधिष्ठिर – मन की गति

 

यक्ष/ Yaksha –  संख्या में तिनको से अधिक क्या है

युधिष्ठिर – चिंता

 

यक्ष –  मृत्यु के समीप पुरुष का मित्र कौन है

युधिष्ठिर – दान

 

यक्ष –  धर्म, यक्ष, स्वर्ग या सुख का मुख्य स्थान क्या है

युधिष्ठिर – धर्म का मुख्य स्थान दक्षता है, यक्ष का मुख्य स्थान दान है, स्वर्ग का मुख्य स्थान सत्य है, और सुख का मुख्य स्थान शील.

 

यक्ष –  मनुष्य की आत्मा क्या है.

युधिष्ठिर – पुत्र

 

यक्ष –  जगत को किस वस्तु ने ढक रखा है

युधिष्ठिर – अज्ञान ने

 

यक्ष –  आलस्य क्या है

युधिष्ठिर – कर्म न करना आलस्य है

 

यक्ष –  सुखी कौन है

युधिष्ठिर – जिस पर कोई उधार न हो.

 

यक्ष –  सच्चा स्नान कौन सा है

युधिष्ठिर – जो मन का मैल धो दे वही सच्चा स्नान है.

 

यक्ष –  काजल से भी ज्यादा काला क्या है

युधिष्ठिर – कलंक

 

यक्ष –  संसार का सबसे श्रेष्ट धर्म कौन सा है

युधिष्ठिर – संसार का सबसे बड़ा धर्म दया है.

 

यक्ष –  किसको वश में रखने से शोक नहीं होता.

युधिष्ठिर – मन को नियंत्रित करने से शोक नहीं होता

 

यक्ष –  दया क्या है

युधिष्ठिर – सबके सुख की की इच्छा करना दया है

 

यक्ष –  राष्ट्र की मृत्यु का कारण क्या होता है

युधिष्ठिर – अराजकता

 

यक्ष –  ब्राह्मणत्व का प्रमाण क्या है – कुल, चरित्र, शिक्षा या शास्त्र ज्ञान

युधिष्ठिर – कुल या शास्त्र ज्ञान ब्राह्मणत्व को सिद्ध नहीं करता.  ब्राह्मणत्व का प्रमाण उसका चरित्र है. अच्छे चरित्र वाला शुद्र उस ब्राह्मण से अच्छा है जो जन्म से तो ब्राह्मण है और शास्त्रों का ज्ञान भी रखता है लेकिन उसका चरित्र अच्छा नहीं है .

 

 

यक्ष –  धर्म किस मे है –  तर्क में या ऋषियों की विचारधारा में ?

युधिष्ठिर – धर्म न तो तर्क में है और न ही ऋषियों की विचारधारा में क्योकि एक ऋषि की विचारधारा दुसरे ऋषि की विचारधारा से अलग हो सकती है. किसी ऋषि के पास संपूर्ण सत्य नहीं है. वास्तव में धर्म तो इंसान के हृदय में है.

 

 

यक्ष –  जीवन का उद्देश्य क्या है?

युधिष्ठिर – जीवन का असली उद्देश्य उस चेतना को जानना है जो उसे जन्म और मरण के बन्धन से मुक्त करती है। उसे जानना ही मोक्ष की प्राप्ति है।

 

युधिष्ठिर के धैर्य और समझ को देखकर यक्ष/ Yaksha  प्रसन्न होते है और सभी पांड्वो को जीवित कर देते है. इसलिए आज भी कई बार जब कोई बड़ी समस्या होती है और उसका किसी के पास हल  नहीं होता तो उसे यक्ष-प्रश्न की संज्ञा दी जाती है।

 

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One Response

  1. HindiApna July 16, 2018

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