एक नहीं अनेक है गीता Various kinds of Bhagvad Gita in Indian literature

भगवत गीता के बारे तो आपने सुना ही होगा. महाभारत के युद्ध से पहले भगवान् श्री कृष्ण ने अर्जुन को कर्म और धर्म की राह बताई जिसे  श्रीमद्भगवद्गीता के नाम से जाना जाता है. इसमें कर्म योग, ज्ञानयोग और  भक्ति योग के माध्यम से इंसान की समस्यों का बहुत अच्छे से वर्णन किया गया है जो इंसान को जीने की सही दिशा दिखाती है. ये तो हुई भगवत गीता की बात लेकिन क्या आप जानते है भारतीय साहित्य में ओर भी कई तरह की गीता का जिक्र किया गया है. जी हाँ दोस्तों इंडियन माइथोलॉजी के अनुसार गीता एक नहीं बल्कि कई है.  आप जिस गीता/ Gita के बारे में जानते है या कहे सबसे ज्यादा जिस गीता का जिक्र होता है वह है श्रीमद्भगवद्गीता. लेकिन आज हम आपको बाकि गीता  के बारे में बतायंगे. तो आइये जानते है

 

Various kinds of Gita in Indian literature – एक नहीं अनेक है गीता

 

Various kinds of Bhagvad Gita

 

Anu Gita – अनुगीता

अनु गीता भी भगवान कृष्ण ने अर्जुन को सुनाई,  लेकिन युद्ध के बाद, जब पांड्वो  ने कौरवो को हराने के बाद अपने शासन को मजबूती से स्थापित किया.

 

 

Uddhava Gita – उद्धव गीता

उद्धव गीता को  भगवत पुराण में  हंस गीता के रूप में भी जाना जाता है.  यह गीता कृष्ण ने  पृथ्वी छोड़ने  से पहले  उद्धव को सुनाई जिसमे  उन्होंने जीवन के ज्ञान को अपने साथी उद्धव को प्रस्तुत किया ।

 

 

Vyadha Gita – व्याधगीता 

व्याधगीता महाभारत के वाण पर्व एक भाग है  जिसमें एक व्याध ने एक अभिमानी ब्राह्मण साधु को शिक्षा दी है की कि एक गृहस्थ होने के नाते, अपने कर्तव्यों का पालन करने और दूसरों की सेवा करना आध्यात्मिक रूप से महत्वपूर्ण है,  यह कथा मार्कण्डेय ऋषि ने युधिष्ठिरको सुनाई थी.

 

 

Guru Gita – गुरु गीता

गुरु गीता स्कंद पुराण का भाग है. इसके रचियता भी वेद व्यास है.  गुरु गीता के कई संस्करण हैं, जो लगभग 100 से लेकर 400 छंद तक हैं।  गुरु गीता भगवान शिव और उनकी पत्नी, देवी पार्वती  के बीच बातचीत का वर्णन करती  है, जिसमें उन्होंने गुरु, उनकी महत्वता और मुक्ति के बारे में बताया है.

 

 

Ganesh Gita – गणेश गीता

गणेश गीता गणेश पुराण का हिस्सा है, जहां गजानन  के रूप में गणेश राजा वरेण्य  को दुनिया के बारे में सच्चाई बताते हैं।

 

 

Avadhuta Gita – अवधूत गीता

अवधूत गीता दत्तात्रेय द्वारा रचित ग्रन्थ अद्वैत वेदान्त का भाग है.  इसमें 289 श्लोक शामिल हैं, जिसे आठ अध्यायों में विभाजित किया गया है. इसमें योगी दत्तात्रेय आत्म-प्राप्ति की यात्रा,  व्यक्ति की प्रकृति और आत्मा की सच्चाई का वर्णन करते है.

 

 

Ashtavakra Gita – अष्टावक्र गीता

अष्टावक्र गीता अद्वैत वेदान्त का भाग है जिसमे ऋषि अष्टावक्र और राजा जनक की बातचीत  का वर्णन है. इसमें ऋषि अष्टावक्र ज्ञान, मुक्ति और वैराग्य  की प्राप्ति का मार्ग बताते है.

 

 

Ram Gita – राम गीता

राम गीता भगवान राम द्वारा 14 वर्षो के वनवास काटने के बाद लक्ष्मण को दिए गए प्रवचनों पर आधारित है.

 

दोस्तों यह है भारतीय साहित्य में वर्णित 10 तरह की गीता जिनके बारे शायद बहुत कम लोग जानते है. उम्मीद करते है आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा.  अगर आपके कोई विचार या सुझाव है तो कृपया कमेंट करें. अगर आप भी हमारे आने वाले सभी रोचक आर्टिकल्स को सीधे अपने मेल में पाना चाहते है तो हमें फ्री subscribe जरुर करे और हमसे जुड़े रहने के लिए हमारा फेसबुक पेज like करें. keep visiting gazabbaat

 

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