तेनालीराम की चतुराई Tenali Raman story in hindi

तेनाली रामकृष्ण  जिन्हें तेनालीराम के रूप में याद किया जाता है, 16 वीं शताब्दी में भारत के विजयनगर साम्राज्य के एक कवि थे। उन्हें उनकी असाधारण बुद्धि, प्रतिभा और ज्ञान के लिए आज भी याद किया जाता है। तेनालीराम/ Tenali Raman अपनी कहानियों के माध्यम से  गहरी और सूक्ष्म चीजों के बारे में बताने की कोशिश करते हैं जो हम सभी को अपने जीवन में शामिल करने के लिए आवश्यक हैं। उनकी कहानियां लोगो को morality के साथ एक सही दिशा भी दिखाने की कोशिश करती है. आज हम आपके साथ तेनालीराम की एक कहानी शेयर करने जा रहे है जो हमें सीख देती है की स्थिति चाहे कितनी भी खराब हो हमें फैसले शांति और सोच समझकर लेने चाहिए.

 

Story of Tenali Raman and the thief’s in hindi – तेनालीराम  की कहानी 

 

एक गर्मी की रात, जब तेनालीराम/ Tenali Raman और उनकी पत्नी सो रहे थे,  तो उन्हें बाहर से पत्तियों के सरसराने की आवाज सुनाई दी .उस समय हवा भी नहीं चल रही थी, इसलिए उन्होंने सोचा कि झाड़ियों में चोर छिपे है। अब वे सोचने लगे की उन्हें आखिर क्या करना चाहिए जिससे चोर भी पकड़ा जाये और किसी को कोई नुकसान भी न हो. तभी तेनालीराम/ tenali raman को चोर को पकड़ने की एक युक्ति सूझी।उन्होंने एक योजना के बारे में सोचा और अपनी पत्नी से कहा, “प्रिय, मैंने सुना है कि हमारे पड़ोस में कुछ कुख्यात चोर रहते हैं। इसलिए हमें अपने सभी गहने और पैसो को छिपा देना चाहिए ताकि वे सुरक्षित रहें.

थोड़ी देर बाद तेनालीराम/ tenali raman और उनकी पत्नी एक बड़े ट्रंक को लेकर घर से निकल पड़े  और उसे कुएं में गिरा दिया. तब वे घर के अंदर वापस चले गए, और सो जाने का नाटक करने लगे।

चोर थोड़ी देर इंतजार करने लगे और फिर उन्होंने कुएं से पानी खींचना शुरू कर दिया।

वे कुएं को खाली करके खजाना पाने की कोशिश कर रहे थे। चोर पूरी रात पानी बाहर निकालते रहे.  सुबह तक वे ट्रंक को बाहर निकालने में कामयाब रहे, और जब उन्होंने इसे खोला तो वे चौंक गए क्योकि इसमें केवल कुछ बड़े पत्थर रखे थे।

उन्हें समझा आ गया कि यह तेनालीराम की योजना थी। तभी  तेनालीराम कुछ सैनिको के साथ वहां आये और कहा, ” धन्यवाद दोस्तों, मेरे पौधों को पानी देने के लिए। मुझे आपके श्रम के लिए आपको भुगतान करना होगा। ”

यह सुनकर, सभी चोर तेनालीराम के पैर में गिर गए और माफ़ी मांगने लगे। उन्होंने वादा किया की वे अब से  कभी चोरी नहीं करेंगे । तेनाली ने उन्हें जाने देने का फैसला किया

 

Moral of the story – हालात चाहे कितने भी गंभीर हो हम अपनी बुद्धि का उपयोग करके अपने आप को उससे बाहर निकल सकते हैं बस जरुरत है अपने दिमाग को शांत रखकर फैसला लेने की ।

 

दोस्तों अगर आपको यह स्टोरी पसंद आई है तो कृपया इसे शेयर करें. हमारे आने वाले सभी आर्टिकल्स को सीधे अपने मेल में पाने के लिए हमें फ्री सब्सक्राइब करें और हमारा फेसबुक पेज लाइक करें.

 

कामयाबी की एक मिसाल story of Catherine Lanigan in hindi

बाप रे!!! छोटा सा नियम तोडा और इतनी बड़ी सजा.. Importance of self discipline

मन से जुड़े होते है मन के तार.. राजा और लकड़हारे की कहानी

जानिए क्यों सफलता की चाबी है विश्वास power of belief in hindi

Leave a Reply