जानिए क्यो मनाई जाती है मकर संक्रांति

वैसे तो हमारे देश मे कई सारे त्यौहार मनाए जाते है और हर त्यौहार का अपना महत्व होता है  लेकिन नय साल की शुरुआत जिस त्यौहार से होती है  उन्ही त्यौहारो मे से एक है मकर संक्रांति का त्यौहार जिसे पूरे भारत के  साथ साथ नेपाल मे भी बड़े जोश और उत्साह के साथ मनाया जाता है। हालांकि विभिन्न राज्य इसे अपने अपने तरीके से मनाते है।  विभिन्न राज्यो मे इसे अलग अलग नामो से भी जाना जाता है जहा पंजाब और हरियाणा मे इसे लोहड़ी कहा जाता है तो दक्षिण भारत मे पोंगल, बिहार मे इसे खिचड़ी कहा जाता है तो असम मे बीहू। वही महाराष्ट्र मे भी makar sankranti  मनाई जाती है जहा इस दिन गूल नामक हलवा बांटा जाता है।

आंध्र प्रदेश मे इसे तीन दिन तक मनाया जाता है,  वैसे तो दिल्ली समेत उत्तर के कई राज्यो मे पतंगे 15 अगस्त के आसपास के दिनो मे काफी  उड़ाई जाती है लेकिन गुजरात मे लोग मकर संक्रांति/makar sankranti  के दिन छतो पर जाकर पतंगे उड़ाते है। कई स्थानो पर लोग स्नान, पुजा, तपस्या, मंदिर जाना और दान भी करते है, तो कई लोग नए कपड़े खरीदते है और तरह तरह के पकवान बनाते है। तिल और गुड़ के लड्डू इसी तरह के पकवानो मे से एक है।

 

क्या है मकर संक्रांति –  what is makar sankranti

क्यो मनाई जाती है मकर संक्रांति – why makar sankranti celebrated in hindi

 

इस त्यौहार मे सूर्य के देवता सूरज को सम्मान दिया जाता है, मकर संक्रांति हर साल माघ के महीने मे 14 जनवरी को मनाया जाता है, क्योकि इसी दिन सूर्य कर्क रेखा को छोड़ मकर रेखा की तरफ आते है। हिन्दू मान्यताओं के अनुसार मकर राशि  शनि की राशि है। सूर्य शनि के पिता है, यहभी कहा जाता है कि सूर्य और शनि के बीच मतभेद हैं, लेकिन हमेशा मकर संक्रांति पर, सूर्य पुरानी कड़वाहट और झगड़ो को भूलाकर शनि के पास जाता है।  यह उन लोगो से अच्छे संबंध स्थापित करने का प्रतीक है जिनसे हम प्यार करते है।

 

मकर संक्रांति से पहले सूर्य दक्षिणायन मे होते है लेकिन मकर संक्रांति से सूर्य उत्तरायण मे प्रवेश करते है। इस दिन से सूर्य दक्षिणायन  से उत्तरायण मे प्रवेश करता है। इसे ही मकर संक्रांति कहते है। इससे दिन बड़े और राते छोटी होने लगती है और गर्मी का मौसम शुरू हो जाता है, इस प्रकार मकर संक्रांति मे सूर्य की राशि मे परिवर्तन को प्रकाश का बढ़ना और अंधकार कम होना माना जाता है। प्रकाश बढ़ना सकारात्मकता का प्रतीक है। इसलिये लोग सूर्य भगवान के प्रति अपनी श्रद्धा प्रकट करते है।

 

मकर संक्रांति किसानो के लिये भी बहुत महत्व रखता है।  पंजाब और हरियाणा मे यह त्यौहार लोहड़ी  के रूप मे बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है, यह किसानो के लिए फसल का मौसम होता है, इस दिन किसान अपनी अच्छी फसल होने के लिये प्रार्थना करते है। लोग रात के समय आग जलाकर अग्नि की पुजा करते है।

 

मकर संक्रांति हर साल 14 जनवरी को ही क्यो मनाई जाती है why do we celebrate Makar Sankranti on 14 January every year

 

इस त्यौहार के बारे में एक महत्व की बात  यह है की, अन्य सभी त्यौहार की सही तारीख की गणना के लिए चंद्र कैलेंडर का सहारा लिया जाता हैं, यह एकमात्र त्यौहार है जो की अपनी तारीख निश्चित रखने के लिये सौर कैलेंडर का अनुसरण करता है और इसलिए यह लगभग हर साल एक ही तारीख को पड़ता है जो की 14 जनवरी होती है, लोहड़ी इसके एक दिन पहले 13 जनवरी को मनाई जाती है।

 

क्या है मकर संक्रांति का महत्व significance of maker sankranti in hindi

हिंदुओ के लिये मकर संक्रांति का ऐतिहासिक महत्व यह है की इस दिन भीष्म पीतामाह ने उत्तरायण काल मे दुनियाँ त्यागने के लिये इस दिन की प्रतीक्षा की।

धार्मिक मान्यताओ के अनुसार इसी दिन ही गंगा भगीरथ के पीछे चलते हुये कपिल मुनि के आश्रम से होकर सागर में जाकर मिल गयी थी।

ऐसा माना जाता है की जो व्यक्ति मकर संक्रांति के बाद के 6 महीने के दौरान मर जाता है तो सीधे स्वर्ग जाता है उसे दोबारा जन्म नहीं मिलता।

 

दोस्तो हम उम्मीद करते है यह मकर संक्रांति आपके जीवन मे खुशियाँ लेकर आए और आपकी सभी  इच्छाएं पूरी हो । आपको यह आर्टिक्ल कैसे लगा हमे कमेंट बॉक्स के जरिये जरूर बताएं और साथ ही इसे अपने दोस्तो के साथ भी जरूर शेयर करें।

 

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  1. HindiApni January 17, 2019

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