मन से जुड़े होते है मन के तार.. राजा और लकड़हारे की कहानी

आज बात एक कहानी से शुरू करते है, एक गाँव में एक लकड़हारा रहता था. वो रोज लड़की काटने जंगल जाता और रास्ते में राजा के महल के आगे से निकलता. वो राजा को देखता राजा उसे देखता और दोनों आपस में मुसकुरा देते ऐसा कई बार होता. एक दिन लकड़हारे नें जंगल में चन्दन की लड़की काटी और गाँव में उसे कोई खरीदने वाला नही था तो वो शहर चला गया पर शहर में भी वो लड़की नही बिकी क्योंकि इतनी महँगी चन्दन की लकड़ी कोई खरीदना नही चाहता था…अब वापिस लौटते वक्त लकड़हारे ने राजा को देखा और मन में सोचने लगा की अगर राजा मर जाए तो उसे जलाने के लिए चन्दन की लड़की चाहिए होगी और फिर मेरी लकड़ी बिक सकती है

 

राजा को पता नही क्यों अच्छा नही लगा हलाकि दोनों के चहरे पर मुस्कुराहट थी पर फिर भी राजा ने हुक्म दिया की वो लकडहारे को उसके सामने पेश किया जाए और बिना उसकी बात सुने उसे जेल में बंद करवा दिया और कुछ समय बाद उसे फासी की सजा सुना डाली. लकड़हारा सोच कर परेशान था की उसका जुर्म क्या है पर राजा ने एक फरमान जारी किया की गाँव का कोई भी व्यक्ति उसके महल के आगे से नही गुजरेगा.

 

अब आपके मन में एक ख्याल आ रहा होगा की क्या लकड़हारे के सिर्फ सोचने पर उसके इतनी बड़ी सजा मिल गई. दरअसल हम जैसा जिसके बारे में सोचते है वैसा हे दूसरा भी हमारे बारे में सोचता है यानि जब तक लकड़हारा  राजा को मुस्कुरा कर देखता था राजा भी उसे मुस्कुरा कर देखता था जैसे ही उसके मन में राजा के मरने का ख्याल आया तो राजा के मन भी भी ऐसा ही कुछ चलने लगा.

 

असल में इसे मन से मन का जुडाव कहते है यानि हम जैसा जिसके बारे में सोचते है वैसा ही सामने वाला भी हमारे बारे में सोचने लगता है लकडहारे के पास इतनी शक्ति नही थी की वो राजा को मरवा सके लेकिन राजा के पास थी….

 

अब आ सोच रहे होंगे की उस लकडहारे का क्या हुआ. तो दरबार के एक मंत्री को जैसे ही ये बात पता चली तो उसने बड़ी समझदारी से इस मामले की जाँच की और लकडहारे की सजा रुकवा दी और उसे सख्त हिदायत दी गई की अब से वो ऐसा अपने ख्याल में भी नही सोचेगा और वो जब भी चन्दन की लड़ी कटेगा उसे महल में जमा करा देगा जिसके बदले उसकी महनत के पैसे मिल जाया करेंगे…

 

हम धन्यवाद करना चाहेंगे रोहित का जिन्होंने ये कहानी हमारे साथ साझा की. अगर आप भी हमारे साथ कोई कहानी या लेख शेयर करना चाहता है तो आपका स्वागत है. कृपया हमारे मेल या contact page के जरिये सम्पर्क करे.

 

 

Leave a Reply