मानव तस्करी के आकडे और तथ्य Human trafficking facts in india

ड्रग ट्रैफिकिंग और  अवैध हथियार के कारोबार  के बाद मानव तस्करी दुनियां भर में तीसरा सबसे बड़ा  संगठित अपराध है। दुनिया भर में  अनुमानित 700,000 से 4 मिलियन लोगो की श्रम और यौन शोषण के लिए हर साल तस्करी की जाती हैं। दुनिया भर में मानव तस्करी के सभी आकड़ो में  करीब 80% यौन शोषण के है और शेष बंधुआ मजदूरी के.  भारत को एशिया में इस अपराध का केंद्र माना जाता है। हालांकि human trafficking  छिपा हुआ अपराध है और इसके सटीक आंकड़े प्राप्त करना कठिन हैं, लेकिन शोधकर्ताओं का अनुमान है कि तस्करी के 80% मामलो में महिलाए शिकार हैं जबकि 50% से अधिक मानव तस्करी के शिकार बच्चे हैं.

 

Human trafficking facts in india – मानव तस्करी के आकडे और तथ्य

 

Human trafficking in india

 

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक लगभग हर आठ मिनट में हमारे देश में एक बच्चा गायब हो जाता है।

 

 

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार, भारत में प्रतिबद्ध अपराधों (65.5%) की अधिकतम संख्या मानव तस्करी से संबंधित थी. यह Immoral Traffic Prevention Act 1956 के तहत पंजीकृत थीं।

 

 

National Crime Records Bureau  के आंकड़ों के अनुसार , नाबालिग लड़कियों की तस्करी के मामलों में 2013 के मुकाबले 2016 में 65 प्रतिशत बढोतरी हुई है।

 

 

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) के आकड़ो के अनुसार भारत में करीब 40,000 बच्चों को सालाना अगवा कर लिया जाता है, जिनमें से करीब 11,000 का पता नहीं चलता.

 

 

यूनाइटेड नेशंस ऑफीस ऑफ ड्रग्स एंड क्राइम (UNODC) द्वारा किए गए सर्वेक्षण के मुताबिक देश भर के  12 राज्यों में सक्रिय 14.73% सेक्स वर्कर्स आंध्र प्रदेश से होती है. आंध्र प्रदेश human trafficking  के मामलो में भारत में दुसरे स्थान पर है।

 

 

मानव तस्करी के सबसे ज्यादा मामले पश्चिम बंगाल में देखे गये है. पश्चिम बंगाल से 15% से ज्यादा लड़कियों और महिलाओं की तस्करी को देश भर के विभिन्न राज्यों में की जाती है.

 

 

इसके आलावा तमिलनाडू, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र, बिहार और दिल्ली में Human trafficking के ज्यादा मामले देखे जाते है.

 

 

मई 200 9 में प्रकाशित सीबीआई की रिपोर्ट के अनुसार भारत में सेक्स व्यवसाय में शामिल  12 लाख से अधिक लड़कियां अठारह वर्ष से कम उम्र की थीं।

 

 

राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण संगठन (एनएसीओ) के अनुसार, मुंबई भारत का सबसे बड़ा सेक्स मार्केट है। हाल ही में किए गए एक NACO सर्वेक्षण में यह भी खुलासा हुआ था कि मुंबई में दो लाख महिलाएं हैं जो वेश्याओं और कॉल गर्ल्स के रूप में काम करती हैं।, उनमें से करीब पचास प्रतिशत एचआईवी पॉजिटिव पाई गई.

 

 

यह सब तो महज सरकारी आकडे है लेकिन सच्चाई इससे भी ज्यादा भयानक है क्योकि आधे से ज्यादा मामले तो दर्ज ही नहीं किये जाते.

 

दोस्तों उम्मीद करते है यह आर्टिकल आपको पसंद आया होगा. अगर आप भी इस टॉपिक पर अपनी राय देना चाहते है तो कृपया कमेंट्स के माध्यम से अपनी बात रखे और साथ ही हमारे आने वाले सभी articles को सीधे अपने मेल में पाने के लिए हमें free subscribe जरुर करे.

 

यह भी जाने 

दुनियां के कुछ ऐसे कानून जो आपको हिला कर रख देंगे….

पाकिस्तान के अजब गज़ब कानून.. Awkward Laws of Pakistan in hindi

Leave a Reply