क्या आप जानते है हनुमान जी की अष्ट सिद्धि और नव निधि के बारे मे

ये तो आप जानते होंगे की हनुमान चालीसा (hanuman chalisa) के 31वे छंद में अष्ट सिद्धि और नव निधि का उल्लेख है। क्या आप जानते है की अष्ट सिद्धि और नव निधि क्या है. अगर नहीं तो दोस्तो इस लेख में  हम आपको इसके बारे में बतायेंगे.

हनुमान चालीसा के 31वा छंद (31st verse of hanuman chalisa )

अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता

अस बर दीन जानकी माता

अर्थात माता सीता ने हनुमान जी को 8 सिद्धियों (अलौकिक शक्तियों) और 9 निधियों (दैवीय खजाने) का लाभ लेने के लिए एक वरदान दिया है.

 

ये आठ सिद्धिया और उनके अर्थ इस प्रकार है.

 

अणिमा: अपने आकार को कम करने की योग्यता

महिमा: अपने आकार को बढ़ाने की क्षमता

गरिमा: असीम रूप से अपने वजन को बढ़ाने की क्षमता

लघिमा: हल्के की तुलना में ज्यादा हल्का बनने की क्षमता

प्राप्ति: कुछ भी प्राप्त करने की क्षमता

प्राकाम्य: वांछित कुछ हासिल करने की योग्यता

इसित्व: निर्माण यानि दुनिया पर प्रभुत्व प्राप्त कर सकते है.

वसित्व: चीजों पर नियंत्रण रख सकते है.

 

नव निधिया (खजाने) उनके अर्थ समेत इस प्रकार है

 

हिंदू पौराणिक कथाओं के संदर्भ में, निधि, जो की एक खजाना है और धन के देवता कुबेर के नौ खजानो के गठन से बना है. परंपरा के अनुसार, प्रत्येक निधि को संरक्षक भावना के रूप में व्यक्त किया जाता है, और कुछ तांत्रिक उनकी पूजा करते हैं। माना जाता है की अगर हनुमान जी (hanuman ji) भक्ति से प्रसन्न हो गये तो वह व्यक्ति को नौ प्रकार की निधिया प्रदान करते है.

 

महापद्म निधि: महान कमल का फूल (गज मुक्ता), इस निधि से व्यक्ति अपनी संग्रहित धन आदि का दान धार्मिक जनो मे करता है, उसकी धार्मिक भावनाये प्रबल होती है.

 

पद्म निधि : खजाने के साथ कमल / हिमालयी झील (नाग मणि),इस निधि से व्यक्ति सात्विक होता है तथा स्वर्ण चांदी का संग्रह करके दान करता है.

 

शंख निधि: शंख खोल (नौ जवाहरात) मकर निधि: मगरमच्छ / सुरमा (पारस लिंग), जिसके पास यह निधि होती है वह अतुलनीय संपत्ति का मालिक होता है.

 

कच्छप  निधि: कछुआ या कछुए खोल (महा मणि), यह निधि प्राप्त व्यक्ति तामस गुण वाला होता है और अपनी संपत्ति का स्वयं सुखपूर्वक उपभोग करता है.

 

नन्द निधि : इस निधि से संपन्न मनुष्य राजस और तामस गुणों वाला होता है.

 

मुकुंद निधि: सिन्बाबर / क्विक रजत (श्रीवर्धन मणि), इस निधि से लक्षित मनुष्य रजोगुण संपन्न होता है, वह व्यक्ति राज्य संग्रह मे लगा रहता है.

 

नील निधि: नीलमणि / सुरमा (महाबंधन मणि,) इस निधि से व्यक्ति सात्विक, तेजस्वी होता है. उसके पास कभी धन की कमी नहीं होती.

 

खर्व निधि: खर्व निधि वाले व्यक्ति के प्रभाव मे मिश्रित फल दिखाई देता है. खर्व निधि प्राप्त व्यक्ति विरोधियो और शत्रुओ पर विजय प्राप्त करता है.

 

मकर निधि: यह निधि प्राप्त व्यक्ति विशाल शास्त्रों का संग्रह करता है.

 

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