गुरु नानक देव जी के अनमोल सुविचार Guru Nanak Dev Quotes in Hindi

गुरु नानक देव जी सिख धर्म के संस्थापक है जिनका जन्म 15 अप्रैल 1469  को तलवंडी में हुआ था. गुरुनानक देव जी/ Guru Nanak Dev ji ने समाज को एकता में बांधने, समानता, भलाई, भाईचारे और जाति-पाति को मिटाने के लिए कई उपदेश दिए. उनके अनुसार ईश्वर एक है जो सब जगह और सभी प्राणियों में मौजूद है. दोस्तों आज हम आपके साथ गुरु नानक देव जी के कुछ कथन साझा करने जा रहे है. उम्मीद करते है यह आपका मार्गदर्शन करेंगे.

 

गुरु नानक देव जी के अनमोल विचार  Guru Nanak Dev Quotes in Hindi

 

संसार में मात्र एक भगवान है जिसका नाम सत्य है; वह निर्माता है. उसे कोई भी डर नहीं; वह नफरत के बिना है. वह कभी नहीं मरता; वह जन्म और मृत्यु के चक्र से परे है। वह आत्म-प्रबुद्ध है. वह सच्चे गुरु की कृपा से महसूस होता है. वह शुरुआत से सत्य था; सत्य है और सत्य रहेगा.

 

 

रस्सी के प्रति अज्ञानता के कारण रस्सी एक सांप जैसी प्रतीत होती है; स्वयं के प्रति अज्ञान के कारण इंसान  अपने आपको सीमित और कमजोर महसूस करता है.

 

 

यदि कोई एक ईश्वर है, तो उसे प्राप्त करने का तरीका भी एक  है, दूसरा नहीं। सभी को उसी  का पालन करना चाहिए और दूसरे को अस्वीकार करना चाहिए. उसकी पूजा करो जो शाश्वत है और पूरे ब्रह्मांड में है

 

 

एकांत में उस पर ध्यान करें, जो आत्मा के लिए लाभदायक है, क्योंकि जो एकांत में ध्यान करता है वह सर्वोच्च आनंद प्राप्त करता है।

 

 

उनके पास कई संसार हैं. कोई भी परमेश्वर की सीमाओं को खोजने में सक्षम नहीं है। भगवान का खाता खत्म नहीं होता है और इंसान उसे लिखते लिखते खुद मर जाते हैं.

 

 

मैंने जन्म नहीं लिया; मेरी मृत्यु कैसे हो सकती है?

 

 

जिस प्रकार बीज खेतों में बोये जाते  है,  उचित मौसम में तैयार किये जाते  है, उसी प्रकार पौधे, बीज के गुणों के अनुसार उगते है. यही बात इंसानों पर भी लागू होती है.

 

 

कोई उसे तर्कों से समझ नहीं सकता है, भले ही वो सदियों तक तर्क करता रहे.

 

 

तेरे पास हजार आंखें हैं, और फिर भी एक आँख नहीं है। तेरे हजारो रूप  हैं और फिर भी एक रूप नहीं।

 

 

भगवान एक है, लेकिन उसके असंख्य रूप हैं। वह सभी का निर्माता है और वह स्वयं मानव रूप लेता है।

 

 

जिसे खुद पर विश्वास नहीं है, वह परमेश्वर पर विश्वास नहीं कर सकता।

 

 

केवल ऐसी बात करो जो आपको सम्मान दे.

 

 

वह जो सभी मनुष्यों को एक समान रूप में देखता है,  धार्मिक हैं।

 

 

सन्यास तपस्वी के वस्त्रों में या उनके जैसे रहने में नहीं है. सन्यास केवल शब्दों में भी नहीं है. संन्यासी वह  है जो हर किसी के साथ समान व्यवहार करता है. अशुद्धता के बीच शुद्ध रहना ही सन्यास है।

दोस्तों उम्मीद करते है  Guru Nanak Dev ji  के सुविचार आपके लिए लाभदायक सिद्ध होंगे. कृपया इन्हें शेयर करें. अगर आप भी हमारे आने वाले सभी आर्टिकल्स सीधे अपने मेल में पाना चाहते है तो हमें फ्री सब्सक्राइब करें और फेसबुक पर हमारा पेज जरुर like करें.

 

यह भी जाने 

ईसा मसीह के अनमोल विचार quotes of Jesus Christ in hindi

स्वामी विवेकानंद के प्रेरणादायक विचार Swami Vivekananda quotes in hindi

श्रीमद्भगवदगीता के अनमोल विचार bhagwad gita quotes in hindi

सद्गुरु जग्गी वासुदेव के गज़ब विचार jaggi vasudev quotes in hindi

Leave a Reply