प्राचीन मिस्त्रवासियों द्वारा मम्मी को कैसे सुरक्षित रखा जाता था

हमने अपने पिछले पोस्ट मे बताया था की mummy क्या है और कैसे एक शरीर को mummy के रूप मे सुरक्षित रखा जा सकता है. इस पोस्ट मे हम egyptian mummy और उस प्रक्रिया के बारे में बतायेंगे जिसका प्रयोग कर प्राचीन मिस्त्र वासियों ने mummy के रूप में शरीरो को सुरक्षित रखा. प्राचीन मिस्त्र वासियों का मानना था की मरने के बाद शरीर को अगले संसार की यात्रा करनी होती है और अगले संसार मे रहने के लिये शरीर को सुरक्षित रखना पड़ता है, अत: उन्होने mummy के रूप में शरीर को सुरक्षित रखने की विधि को अपनाया.  ज्यादा जानकारी के लिये हमारा ये लेख पढ़े मम्मी क्या है, ये क्यों बनाई जाती थी

मरने के बाद मानव शरीर अपघटन (decomposition) की प्रक्रिया से गुजरता है, अत: शरीर को अपघटन (decomposition) से बचाने के लिये नमी और ऑक्सीजन से वंचित रखना पड़ता है. अत: शरीर को सुरक्षित रखने के लिये ऐसी विधि आवश्यक थी ताकि उसे नमी से बचाया जा सके. ज्यादा जानकारी के लिये हमारा ये पोस्ट पढ़े. जानिये मानव अपघटन और इसके चरण

 

 

मम्मी कैसे बनायी जाती थी How were egyptian mummy made in hindi

 

प्राचीन मिस्त्र वासियों ने सबसे पहले मृत शरीर को सुरक्षित रखने की विधि को अपनाया, हालाँकि इस प्रक्रिया मे शुरुआत से लेकर अंत तक काफी समय लगता था. इस पूरी प्रक्रिया में करीब 70 दिन का समय लगता था. इस पूरी प्रक्रिया का प्रभारी एक पुजारी होता था जो की सियार का मुखौटा पहनता था, यह उनके भगवान anubis का प्रतिनिधित्व करता था. यह मम्मीकरण (mummyfication) के भगवान थे जिनका मानव शरीर था लेकिन सर सियार का था.

 

 

किस प्रक्रिया द्वारा मिस्त्रवासी मम्मी को सुरक्षित रखते थे How Egyptians preserve a mummy in hindi

 

पहले मृत शरीर को धोया जाता था और शुद्ध किया जाता था. फिर उसके अंग निकाल दिये जाते थे, हृदय को नहीं निकाला जाता था, मिस्त्र वासियों का मानना था की हृदय बुद्धि और भावना का केंद्र होता है. इसके बाद शरीर को सामग्री से भरा जाता था, फिर शरीर को नाट्रन नामक पदार्थ से ढककर सुखाया जाता था. यह पदार्थ शरीर से नमी को अवशोषित कर लेता है. 40 या 50 दिन बाद शरीर पर से सामग्री को हटा लिया जाता था और  उसमे लिनन (linen) या चुरा (sawdust) भरा जाता था. इसके बाद शरीर को लिनन के धागों से लपेटा जाता था और कफन (shroud) नामक चादर से ढका जाता था. अंत में शरीर को पत्थर के ताबूत मे रखा जाता था. इस ताबूत को सार्कोफगुस (sarcophagus) कहा जाता था.

 

mummy के रूप में शरीर को सुरक्षित रखने की यह पूरी प्रक्रिया काफी महँगी थी इसलिये  केवल आमिर लोग ही इस प्रक्रिया को अपनाते थे, गरीब लोग रेत मे दफना दिये जाते थे. egyptian mummy बनाने की इस विधि में इतने कुशल थे की चार हजार साल पहले बनाई गयी mummy के त्वचा, बाल, पहचानने योग्य निशान जैसी विशेषताये अभी भी मौजूद है.

 

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