एक अनोखी मुहिम जहाँ खिलाया जाता है 5 रूपये में पेट भर खाना Dadi Ki Rasoi

Dadi Ki Rasoi ; A Great Initiative To Provide Quality Meal at just 5 rupees

 

चेन्नई में अम्मा की कैंटीन या संसद भवन के अलावा 5 या 10 रुपये की थाली के बारे में आपने आखिरी बार कब सुना है? आज की महंगाई के माहौल को ध्यान में रखते हुए, एक होटल या ढाबा खोजना जो  आपको 5 रूपये में  एक अच्छी  गुणवत्ता वाला खाना  देता  हो , अपने आप में अकल्पनीय है. लेकिन ऐसा मुमकिन करके दिखाया है नोएडा में रहने वाले अनूप खन्ना ने.

 

नोएडा के सेक्टर 29 में,  आप केवल 5 रुपये देकर देसी घी में बनाये  गये  दाल  चावल, सब्जी और रोटी की एक प्लेट पा सकते हैं। नोएडा में रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता, अनूप खन्ना ने कुछ लोगो के साथ ‘दादी की रसोई’ शुरू की है, जिसका लक्ष्य कम से कम से कम पैसो में भोजन प्रदान करना है।

अनूप खन्ना के मुताबिक  “हम अच्छी क्वालिटी वाला भोजन प्रदान करना चाहते थे, जो आपको घर के खाने जैसा अनुभव प्रदान करे । हम मुफ्त भोजन प्रदान करने का प्रयास भी कर सकते थे लेकिन खाने की कीमत देकर लोगो में आत्मसम्मान और गरिमा की भावना बनी रहती है । जहां तक ​​भोजन की गुणवत्ता का संबंध है, मैं व्यक्तिगत रूप से भोजन की तैयारी पर निगरानी रखता हूं।

 

गरीब लोगों को खाना खिलाने के बारे में यह विचार अनूप खन्ना की मां के दिमाग  में आया और उन्होंने सोचा कि क्यों न गरीब लोगों को रोजाना खाना खिलाया जाये.  कुछ साल पहले.तक, घर पर 15-20 गरीब लोगों के लिए भोजन तैयार किया जाता था. इसके बाद कुछ करीबी दुकानदारों ने खन्ना जी को सहयोग दिया और उन्हें जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके बाद दादी की रसोई/ Dadi Ki Rasoi की शुरुआत हुई.

 

इसके उद्घाटन के करीब एक महीने बाद, ही ‘दादी की रसोइ’/ Dadi Ki Rasoi  शहर में काफी फेमस हो गई । दोपहर के भोजन के लिए स्टाल में चाहे रिक्शे वाले हो, दुकान के मालिक या एक यात्री, सभी लोग उत्साह के साथ आने लगे.। रोजाना दो घंटे के लिए, दोपहर 12 से 2 के बीच, ‘दादी कि रसोई’/ Dadi Ki Rasoi में 400 से ज्यादा लोग  खाने के लिए आने लगे.

 

खन्ना के मुताबिक आस पास के निवासियों के समर्थन ने उनको  प्रोत्साहित किया. कई लोगों ने पहल की और  दान करने के लिए आगे आये ।

 

“मुझे एक चीज का एहसास हो गया है कि ऐसे लोग हैं जो आपके काम समर्थन करना चाहते हैं, अगर आपका  उद्देश्य अच्छा हो । इसलिए जब भी किसी का जन्मदिन या शादी की सालगिरह होती है, तो लोग आते हैं और उस दिन विशेष भोजन प्रायोजित करते हैं जैसे  पनीर या छोले चावल.’’

 

खन्ना अब अपनी पूरी जिन्दगी यह पहल जारी रखना चाहते है और दूसरी जगहों में भी ऐसे स्टालों  को स्थापित करने के लिए अधिक से अधिक लोगो को प्रोत्साहित करते हैं।

 

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