मशहूर हस्तियों की मोटिवेशनल शायरी

कई बार कुछ शायरिया हमारे लिए प्रोत्साहन का कम करती है. यह हमारे में आत्मविश्वास जगाती है, जीवन में कुछ करने के लिये प्रेरित करती है. इस पोस्ट में हम कुछ मशहूर हस्तियों द्वारा बोली गयी  मोटिवेशनल शायरी को आपके सामने लेकर आयेंगे जो खुद प्रेरणा के स्त्रोत है और दुसरो के लिए प्रेरणा बने.

मोटिवेशनल शायरी

मोदी की शायरी

“सफ़र में धुप तो होगी ही जो चल सको तो चलो

सभी है भीड़ में तुम भी निकल सको तो चलो

किसी के वास्ते राहे कहा बदलती है

तुम अपने आपको खुद ही बदल सको तो चलो

यहाँ किसी को कोई रास्ता नहीं देता

मुझे गिरा के तुम संभल सको तो चलो

यही है जिन्दगी कुछ ख्वाब चंद उम्मीदे

इन्ही खिलौने से तुम भी बहल सको तो चलो”

 

अलम इकबाल की मोटिवेशनल शायरी

“खुदी को कर बुलंद इतना की हर तक़दीर से पहले

खुदा बन्दे से पूछे बता तेरी रजा क्या है”

 

दुष्यंत कुमार द्वारा गायी  गई शायरी

 

“हो गयी है पीर परबत सी पिघलनी चाहिए

इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए

आज ये दिवार पर्दों की तरह हिलने लगी

शर्त थी लेकीन के ये बुनियाद हिलनी चाहिए

हर सडक पर हर गली में हर नगर हर गाँव में

हाथ लहराते हुए हर लाश चलनी चाहिये

सिर्फ हंगामा खड़ा करना मेरा मकसद नहीं

मेरी कोशिश है की ये सूरत बदलनी चाहिए

मेरे सिने में नहीं तो तेरे सिने में सही

हो कही भी आग लेकिन आग जलनी चाहिए”

 

 

कुमार विश्वास की शायरी

“सदा तो धूप के हाथों में ही परचम नहीं होता
खुशी के घर में भी बोलों कभी क्या गम नहीं होता
फ़क़त इक आदमी के वास्तें जग छोड़ने वालो
फ़क़त उस आदमी से ये ज़माना कम नहीं होता”

 

“कर यकीन खुद पे इतना
बुलंद हो तेरा हौसला… ऊँचे आसमां जितना
और लिखे तू हर दिन सफलता की नई दास्ताँ”

 

“परेशानियों से भागना आसान होता है
हर  मुश्किल ज़िन्दगी में एक इम्तिहान होता है

हिम्मत हारने वाले को कुछ नहीं मिलता ज़िंदगी में
और मुश्किलों से लड़ने वाले के क़दमों में ही तो जहाँ होता है”

 

“चलता रहूँगा पथ पर

चलने मे माहिर बन जाऊँगा

या तो मंजिल मिल जायेगी

या तो अच्छा मुसाफिर बन जाऊँगा”

 

अमिताभ बच्चन के पिता हरिवंश राय बच्चन की प्रेरणादायक पंक्तिया

“लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती

कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती

नन्ही चिटी जब दाना लेकर चलती है

चढ़ती दीवारों पर सौ बार फिसलती है

मन का विश्वास रगों में साहस भरता है

चढ़कर गिरना गिरकर चढ़ना ना अखरता है

आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती

कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती

डूबकिया सिन्धु में गोता खोर लगाता है

जा जा कर खाली हाथ लौट कर आता है

मिलते नहीं सहज ही मोती गहरे पानी में

मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती

कोशिश करने वालो की कभी हार नहीं होती

असफलता एक चुनौती है इसे स्वीकार करो

क्या कमी रह गयी देखो और सुधार करो

जब तक ना सफल हो नींद चैन को त्यागो तुम

संघर्ष का मैदान छोड़कर मत भागो तुम

कुछ किये बिना ही जय जय कार नहीं होती

कोशिश करने वालो की कभी हर नहीं होती”

 

note: इन शायरियो का संग्रह इन्टरनेट पर उपलब्ध सामग्री से किया गया है जिसका उद्देश्य लोगो में प्रेरित करना है. आप अपने comments के माध्यम से ओर मोटिवेशनल शायरी जोड़ सकते है.   

 

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