जानिए बर्थडे वाले दिन आपके मुहँ पर केक क्यों लगाया जाता है?

हम लोगो के सामने कई ऐसी प्रथाए है जिनके बारे में हम नही जानते. बहुत पहले से चली आ रही या पुरानी परम्परा के बारे में हम अपने दादा- दादी या बड़े बुजुर्गो से पूछ लेते है और वो बिलकुल तर्क के साथ उस परम्परा के पीछे की कहानी हमे बताते है लेकिन बर्थडे पर मुहँ पर केक लगाने की परम्परा का शायद उन्हें भी न पता हो. आज हम इस लेख में इस परम्परा के पीछे की कहानी को जानने की कोशिश करेंगे.

 

बर्थडे वाले दिन आपके मुहँ पर केक क्यों लगाया जाता है – Why do Indians smear a person’s birthday cake on his/her face

 

जन्मदिन पर हर देश में एक अलग परम्परा है. यह कह सकते है हर देश में दोस्तों का जन्मदिन मनाने का एक अलग अंदाज़ है और मुहँ पर केक लगाना भी उसमे से एक है जैसे बर्थडे बंप यह परम्परा ब्रिटेन की है और इस परम्परा में जिसका बर्थडे होता है उसे सभी दोस्त मिल कर हवा में उछालते है. और जितने साल का बर्थडे बॉय या गर्ल होता है उतनी बार उसे उछाला जाता है. जर्मनी में अपने जन्मदिन वाले दिन लोग चर्च की सफाई करते है आदि.  आप लोगो ने ये भी सुना होगा की जो जितने साल का हो जाता है उसे उस दिन उतने मुक्के मारे जाते है. इन सभी परम्पराओ में से एक जन्मदिन वाले दिन मुहँ पर केक लगाने की भी है हालाकिं  ये बाकि सभी परम्पराओ से ज्यादा प्रचलित हो गई है लेकिन इसके पीछे कोई तार्किक कारण नही है लेकिन दो छोटी-छोटी कहानिया है जिसे इस परम्परा से जोड़ कर देखा जा सकता है.

 

बर्थडे

 

अमेरिका में एक रस्म है “स्मैश केक” इस रस्म में जब बच्चा एक साल का होता है तो उसके लिए केक बनवाया जाता है जिसे वह अपने तरीके से खाता है यानी एक साल के बच्चे को पूरा केक दे दिया जाता है और उसे अपने  तरीके से खाने दिया जाता है जिसमे वह केक खाता कम है और मुहँ पर ज्यादा लगाता है या फिर केक से खेलता है. उसकी इन सभी प्यारी हरकतों की फोटो क्लिक की जाती है जो आगे चल कर उसकी यादे बनती है. इस रस्म को केक मुहँ पर लगाने वाली रस्म से जोड़ा कर देखा जाता है .शायद वो मुहँ पर केक वाली फोटो हमारी यादगार फोटो बन जाए. इसलिए बड़े होकर भी हम मुहँ पर केक लगाने लगते है. है न मजेदार???

 

आप लोगो ने सुना होगा या फिर सेलिब्रेट भी किया होगा जिसमे शादी की सालगिरह वाले दिन पति-पत्नी केक काटते है और फिर एक दुसरे के मुहँ  केक पर लगाते है. यह परम्परा प्राचीन रोम की है जिसमे दूल्हा अपनी दुलहन के सर पर सुखा केक तोड़ता था. इससे तय होता था की दुल्हन पर अब सिर्फ उस दुल्हे का अधिकार है और साथ ही यह दोनों की कौमार्य होने का भी संकेत था. समय बढ़ने के साथ  केक भी स्टाइलिश हो गया और उसे क्रीम से सजाया जाने लगा. अब उठा कर सर पर तोड़ना मुमकिन नही था इसलिए केक काटा जाने लगा और पति-पत्नी एक दुसरे के मुहँ पर केक लगाने लगे. इससे एक और परम्परा शुरू हुई जिसमे कहा गया की जो अपने साथी के ज्यादा से ज्यादा केक लगाएगा  उसकी गृहस्त जीवन उतनी ही ज्यादा चलेगी. इस परम्परा को भी जन्मदिन वाले दिन मुहँ पर केक लगाने से जोड़ा कर देखा जाता है.

 

हालाकिं भारत में ऐसा भी कहा जाता है की जब केक काटने की प्रथा हमारे देश में आई तो पीछे पीछे यह मुहँ पर केक लगाने वाली प्रथा भी आ गई. लेकिन कोई तार्किक या पूरी तरह इससे जुडी हुई कोई कहानी हमे नही मिली. हो सकता है यह ख़ुशी इजाहर करने के एक जरिया हो. इसलिये आपके  दोस्त या भाई बहन आपके बर्थडे वाले दिन आपके मुहँ पर केक लगाये तो मना मत कीजियेगा.

 

 

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  1. Bassam saeed February 12, 2018

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