बरमूडा ट्राएंगल क्या है इतिहास और रोचक घटनाये

बरमूडा ट्राएंगल को शैतान के त्रिकोण और मौत का त्रिकोण के रूप में भी जाना जाता है, यह नार्थ अटलांटिक महासागर मे अमेरिका के दक्षिण का हिस्सा है, इसे शैतानी त्रिभुज भी कहा जाता है. यहाँ पर जो भी पानी के जहाज या विमान गया वो वापिस लौट कर नहीं आया. पिछले सौ सालो में इस क्षेत्र से संबंधित कई ऐसी घटनाये सामने आई जिसमे कई पानी के जहाज, हवाई जहाज और लोग या तो भयंकर दुर्घटनाओ का शिकार हो गये या तो गायब हो गये, इन्हें बाद में ढूंढा नहीं जा सका और ना ही मलबा मिला. पिछले सौ सालो मे इस क्षेत्र में लगभग 1000 प्लेन और जहाज गुम हो गये और उनका कुछ पता नहीं लग पाया. यह एक ऐसा रहस्य से भरा क्षेत्र है जिसकी गुत्थी अभी नहीं सुलझ पायी है. हालाँकि विज्ञान ने इस क्षेत्र की गुत्थी सुलझाने का प्रयास किया है और इस क्षेत्र से संबंधित कई सिधांत भी निकल कर आये है.   `

बरमूडा ट्राएंगल का इतिहास

बरमूडा ट्राएंगल क्या है और कहा पर है what is bermuda triangle in hindi

फ्लोरिडा, बरमूडा और प्यूर्टो रिको के बीच के क्षेत्र को बरमूडा ट्राएंगल कहा जाता है, बरमूडा त्रिकोण समंदर के 5,00000 वर्ग मील क्षेत्र को कवर करता है. यह क्षेत्र फ्लोरिडा के मियामी, बरमूडा और प्यूर्टो रिको से घिरा हुआ है. इस क्षेत्र को पहली बार बरमूडा ट्राएंगल लेखक विन्सेंट गैडिस (Vincent Hayes Gaddis) ने कहा. इस शब्द का प्रयोग उन्होंने 1964 मे अर्गोसी नामक एक मैगजीन के एक लेख में किया. इस शब्द का प्रयोग उन्होंने रहस्यमय तरीके से गायब हो जाने वाली चीजो के वर्णन करने के लिये किया. उन्होंने 1945 में हुए फ्लाइट 19 के बारे में उल्लेख किया था और साथ ही 1918 में हुए uss साइक्लोप्स के गुम होने के बारे में भी, जिसमे 306 लोग मारे गये थे.

बरमूडा ट्राएंगल से संबंधित रहस्यमयी घटनाये

  • बरमूडा ट्राइंगल से संबंधित रहस्यमयी घटनाओ का जिक्र सबसे पहले क्रिस्‍टोफर कोलंबस के जर्नल्‍स में मिलता है। उन्‍होंने बताया की 1492 में जब वह अपने क्रू के साथ अमेरिका महादीप की तरफ जा रहे थे तब ट्राइंगल के अंदर जहाज के कम्‍पास ने काम करना बंद कर दिया था, उन्होंने वहा कुछ अजीब रोशनी को चमकते और आसमान में एक आग का गोला देखा था।

 

  • मार्च 1918 में इस क्षेत्र में एक घटना घटी जब uss साइक्लोप्स जो की 542 फूट लंबा जहाज था जिसमे 300 से ज्यादा लोग मौजूद थे. यह जहाज बरमूडा ट्राएंगल में आकर डूब गया जिसे बाद में खोजा नहीं जा सका. यूएस प्रेसिडेंट वूडरो विल्सन ने बाद में बताया की केवल भगवान और समुद्र ही जनता है की इस जहाज का क्या हुआ.

 

  • 1945 में एक चौकाने वाली घटना घटी जब फ्लाइट-19 जो की ट्रेनिंग फ्लाइट थी, के 14 नेवी ऐयरमन फ्लोरिडा से नियमित अभ्यास के लिए उड़ान भरे. इनके साथ इनका अनुभवी कप्तान भी मौजूद था. 5 दिसंबर 1945 को ये बरमूडा ट्राएंगल में गायब हो गये और लौट कर नहीं आये। बाद में इसकी खोज के लिए 13 आदमियों का एक जहाज भेजा गया लेकिन मार्टिन मेरिनर का जहाज भी 13 लोगों समेत गायब हो गया।

 

 

 

  • 1941 में भी एक ऐसी ही घटना घटी जब दो जहाज USS Proteus  और  the  USS  Nereus uss साईक्लोप्स जहाज की तरह इसी मार्ग पर गायब हो गये और उनका नामो निशान भी नहीं मिला.

 

  • 29 दिसम्बर 1948 को डगलस डीसी एयरक्राफ्ट जिसमे 32 पैसेंजर मौजूद थे, गायब हो गया जब उसने प्यूर्टो रिको के सान जुआन से फ्लोरिडा के मियामी तक जाने के लिये उड़ान भरी. जब प्लेन फ्लोरिडा से केवल 50 मील की दुरी पर था तब यह गायब हो गया इसके बाद इस प्लेन और इसमें मौजूद यात्रियों का कुछ पता नहीं लग पाया.

 

  • स्टार टाइगर जनवरी 1948 में और स्टार एरियल जनवरी 1949 में ये दो जहाज बरमूडा ट्राएंगल में गायब हो गये.

 

  • 1967 में विचक्राफ्ट गायब हो गया, विचक्राफ्ट एक लक्ज़री केबिन बोट था,

 

जब तक ऐसी घटनाये घटती रहेंगी और इनसे संबंधित कोई सबूत नहीं मिल जाते तब तक यह क्षेत्र रहस्यमयी बना रहेगा.

 

Leave a Reply