जानिये गणेश भगवान के 32 रूपों के बारे मे

गणेश पुराण में हमे गणेश जी के 32 रूपों का उल्लेख मिलता है, गणेश पुराण के अनुसार गणेश भगवान की विभिन्न भूमिकाओं मे 32 अलग-अलग रूपों में पूजा की जाती है और यह रूप विभिन्न गुणों को दर्शाते है। भगवान गणेश के पहले सोलह रूप धन का प्रतिनिधित्व करते हैं, अगले पांच (द्विज, विजया, क्षिप्र, योग और संकटहार) बुरी दृष्टि हटाने के लिये, और अगले छह (भक्ति, वीरा, उध्व, श्रष्टि, त्रिमुख और सिंह) की शत्रु दोष और दुश्मनों की बाधाओं को हटाने के लिये पूजा की जाती है और पिछले पांच (तरुण, नृत्य, ढुण्डि, दुर्गा, ऋण मोचन) के पास सर्प दोष को खत्म करने की शक्ति है। इस लेख में हम आपको गणेश भगवान के 32 रूपो के बारे में बतायेंगे.

 

 

गणेश भगवान के 32 रूप 32 forms of lord ganesh in hindi

 

बाल गणपति

बाला गणपति यानि की “बच्चों के समान” इनका रंग लाल और छे भुजाये है. उनके हाथों में एक केला, आम, गन्ना और कटहल रहता है, ये सभी पृथ्वी की बहुतायत और उर्वरता का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनकी सुंड उनकी पसंदीदा मिठाई मोदक रखती है.

 

तरुण गणपति

 

आठ-भुजाये और लाल रंग.

 

भक्ति गणपति

चार भुजाये और सफेद रंग, फसल के मौसम के दौरान पूर्णिमा की तरह हंसते हुए और फूलों के साथ माला लिये भक्त गणपति, भक्तों के प्रिय, वास्तव में देखने मे सुखद हैं। वह एक केला, एक आम, नारियल और कटोरा रखते है।

 

 

वीर गणपति

दस भुजाये और लाल रंग. बहादुर योद्धा और शत्रु संहार के रूप में

 

शक्ति गणपति

चार भुजाये, नारंगी लाल रंग, और अभय मुद्रा.

 

 

 

द्विज गणपति

चार भुजाये, चार मुख वाले गणपति और शुभ्रवर्ण शरीर

 

सिद्धि गणपति

छे भुजाये और पिंगल वर्ण शारीर.

 

विघ्न गणपति

दस भुजाये , स्वर्ण-पीला रंग, सिद्धि गणपति, पूर्ण, उपलब्धि और आत्म-स्वामित्व के प्रतीक है।

 

उच्चिष्ठ गणपति

चार भुजाधारी और नीले रंग का शरीर, संस्कृति के रक्षक

 

  1. हेरम्ब गणपति

आठ भुजाधारी,

 

  1. उद्ध गणपति

सोने के रंग का शरीर,

 

 

12 क्षिप्र गणपति:

छ: भुजाधारी और रक्तवर्ण शरीर

 

  1. लक्ष्मी गणपति:

आठ भुजाये, गौर वर्ण शरीर, हाथ मे कमल का फूल लिये, एक हरे रंग के तोते, एक अनार, तलवार,

और एक पानी का बर्तन रखते है.

 

 

  1.  विजय गणपति

चार भुजाधारी रक्त वर्ण शरीर

 

  1. महागणपति

आठ भुजाधारी रक्त वर्ण शरीर

 

  1. नृत्य गणपति

छ: भुजाधारी रक्त वर्ण शरीर

 

  1. एकाक्षर गणपति

 

चार भुजाधारी और रक्तवर्ण शरीर

 

  1. हरिद्रा गणपति

 

छ: भुजाधारी पीले रंग का शरीर

 

  1. त्र्यैक्ष गणपति

 

सुनहरे शरीर, तीन नेत्रों वाले चार भुजाधारी

 

  1. वर गणपति

छ: भुजाधारी और रक्तवर्ण शरीर

 

  1. ढुण्डि गणपति

चार भुजाधारी और लाल रंग शरीरधारी. भक्तो की रक्षा करने वाले.

 

  1. क्षिप्र प्रसाद गणपति

छ: भुजाधारी लाल रंग, त्रिनेत्र धारी,

 

  1.  ऋण मोचन गणपति

चार भुजाधारी लालवस्त्र धारी, अपराध और बंधन से मानव को मुक्ति प्रदान करने वाले.

 

  1. एकदन्त गणपति

विशाल पेट, चार भुजाओ और एक टूटे हुये दांत वाले. टूटा दांत यह दर्शाता है कि वह अपने भक्तों की इच्छाओं को पूरा करने के लिए कुछ भी बलिदान करेंगे।

 

  1. सृष्टि गणपति

चार भुजाधारी, मूषक पर सवार लाल रंग शरीरधारी, खुश अभिव्यक्ति के भगवान.

 

  1. द्विमुख गणपति

पीले रंग के चार भुजा धारी और दो मुख वाले

 

  1. उद्दण्ड गणपति

बारह भुजाधारी, रक्तवर्णी शरीर वाले, साहसी और धर्म के प्रोत्साहनकर्ता.

 

  1. दुर्गा गणपति

आठ भुजाधारी, लाल वस्त्र पहने हुए, गहरा सोने जैसा रंग, लाल वस्त्र पहने, अजेय,” अंधेरे पर जीत का ध्वज लहराने वाले.

 

 

  1. त्रिमुख गणपति

तीन मुख वाले, छ: भुजाधारी, सुनहरे कमल पर बैठे और लाल रंग शरीरधारी

 

  1. योग गणपति

योगमुद्रा में विराजित, नीले वस्त्र पहने, चार भुजाधारी, सुबह के सूरज की तरह रंग.

 

  1. सिंह गणपति

आठ भुजाधारी, सफेद रंग, सिंह के मुख और हाथी की सूंड वाले, शेर की सवारी और एक हाथ में एक शेर लिये, शक्ति और निर्भयता का प्रतीक.

 

  1. संकष्ट हरण गणपति

चार भुजाधारी,   हीरा जडि़त मुकुट पहने, सूरज की तरह रंग, नीले रंग के वस्त्र पहने और लाल कमल के फूल पर बैठे।

 

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