ऑनलाइन पोर्न देखना मानसिक सेहत के साथ आपके डिवाइस के लिए भी खतरनाक

स्टूडेंट्स चाहे इंजीनियरिंग के हो, यूपीएससी के या फिर किसी भी यूनिवर्सिटी में पढ़ रहे हो अश्लील वीडियो का उनकी जिंदगी में अलग ही महत्व होता है. ज्यादातर स्टूडेंट्स अपने आदर्शो को दरकिनार करते हुए ऐसी  वीडियोस देखते है और उनमे से कई इसके आदि हो जाते है इसका नशा इतना गहरा हो जाता है कि उन्हें ये  वीडियोस देखे बिना नींद ही नही आती. हालाकि स्टूडेंट्स को पता होता है कि पोर्न देखना उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नही है लेकिन फिर भी वो देखते है. ये उसी तरीके से है जैसे किसी सिगेरट के पैकेट पर लिखा होना “सिगरेट पीने से कैंसर होता है” इस जानकारी के बावजूद भी लोग खूब सिगरेट पी रहे है. खैर आज हम बात करेंगे कि ऑनलाइन अश्लील फिल्मे देखने से आपके डिवाइस (मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर इत्यादि) पर क्या असर होता है और कैसे पोर्न साईट आपके डिवाइस की लाइफ कम कर देती है.

कैसे अश्लील विडियो है आपके डिवाइस के लिए भी खतरनाक

डाटा चोरी होने के खतरा – जिस डिवाइस में पोर्न साइट्स को लगातार ओपन किया जाता है उस डिवाइस में डाटा चोरी होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है.

 

अंसिक्योर साईट – ऐसी ज्यादातर वेबसाइट अंसिक्योर है जिस डिवाइस में ऐसी साइट्स को खोला जाता है उनमे वायरस आ सकता है अगर आपके डिवाइस में एंटी-वायरस है तो वो इन साइट्स को खतरा बताता है और आपको इनमे एंटर करने से पहले एक चेतावनी देता है कि इस साइट में एंटर करना आपके डिवाइस के लिए सही नही है.

 

नकली साइट्स– पोर्न वीडियोस साईट के नाम पर बहुत सी ऐसी वेबसाइट है जो नकली है जैसे किसी अश्लील वीडियो साईट में जाने पर बहुत से विंडोस या पॉप-अप अपने आप खुल जाते. है ये सभी आपको लुभाने के लिए होते है जो आपको दूसरी वेबसाइट पर ले जाते है जिन्हें खोल कर आपको ठगा हुआ सा महसूस होता है.

 

हैंग होने का खतरा – मोबाइल पर इस तरह की ऑनलाइन अश्लील वीडियो  देखें से आपके ब्राउज़र में एक के बाद एक विंडो खुलने लगती है और फिर मोबाइल पर एक वोर्निंग आती है “Your device on high Risk” जो आपके डिवाइस के लिए सही नही है ये आपके डिवाइस को धीमा करती है जिससे ज्यादा इस तरह की ऑनलाइन वीडियोस देखने पर आपके मोबाइल की लाइफ कम हो जाती है.

 

अश्लील विज्ञापन – जिस डिवाइस पर इस तरह की वीडियोस देखी जाती है या इस तरह की ऑनलाइन साइट्स ओपन की जाती है उस डिवाइस में दूसरी नार्मल साइट्स पर अश्लील विज्ञापन ज्यादा आते है. क्योकि ऑनलाइन दुनिया में विज्ञापन बहुत जल्दी और इंटरेस्ट के आधार पर बदलते है. अगर डिवाइस में पोर्न वेबसाइट ओपन होती है तो विज्ञापन भी उसी तरह का दिखाई देगा.

 

उम्मीद है हमारी बात आप तक पहुँच गई होगी और आप अपनी मानसिक सेहत के साथ साथ अपने डिवाइस का ख्याल जरुर रखेंगे . तो दोस्तों इस आर्टिकल को अपने दोस्तों के साथ  जरुर शेयर करे और हमारे आने वाले सभी आर्टिकल की सीधी  जानकारी पाने के लिए हमें फ्री सब्सक्राइब जरुर करें.

 

नोट: हम आपके चयन या इच्छा के खिलाफ नही है. हम बस आपको उन चीजों से अवगत कराना चाहते है जो समाज और आपके लिए खतरनाक हो सकती है. बाकि फैसला आपका है.

 

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